हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेश के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चिरायु आयुष्मान भारत योजना के विस्तार की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अब 1.80 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार भी नाममात्र का वार्षिक प्रीमियम देकर योजना का लाभ उठा सकेंगे। पात्रता परिवार पहचान-पत्र में दर्ज सत्यापित वार्षिक आय के आधार पर तय होगी।
पात्र परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में सालाना पांच लाख रुपये तक का निशुल्क और कैशलेस इलाज मिलेगा। 1.80 लाख से 3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए 1500 रुपये, तीन से छह लाख रुपये आय वर्ग के लिए 4000 रुपये और छह लाख रुपये से अधिक आय वाले परिवारों के लिए 5000 रुपये वार्षिक प्रीमियम निर्धारित किया गया है। पंजीकरण और भुगतान के लिए पोटर्ल 30 नवंबर 2026 तक खुला रहेगा। नई पॉलिसी की अवधि एक नवंबर 2026 से 31 अक्टूबर 2027 तक होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत हरियाणा स्वास्थ्य सुरक्षा प्राधिकरण के माध्यम से प्रदेश के 1307 सूचीबद्ध अस्पतालों में अब तक 40,27,391 लाभार्थियों को उपचार उपलब्ध कराया जा चुका है। 1.80 लाख से 3 लाख रुपये आय वर्ग के 47,547 परिवार योजना का लाभ ले चुके हैं। सरकार ने अब तक 4,617.45 करोड़ रुपये के दावों का निपटारा किया है, जबकि प्रदेश में 1.42 करोड़ आयुष्मान भारत और चिरायु कार्ड जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने नागरिकों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।